पुलिस की टीमों की कड़ी मशक्कत के बाद इस रहस्य से उठा पर्दा, सौरभ ने खुद रची थी हमला कराने की साज़िश
एसएसपी ने पुलिस कार्यालय में घटना का किया खुलासा
रुद्रपुर। किच्छा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलकराज बेहड़ के पार्षद पुत्र सौरभ बेहड़ पर हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चार दिनों की गहन तफ्रतीश के बाद यह साफ हो गया है कि सौरभ बेहड़ पर कोई हमला नहीं हुआ था, बल्कि उन्होंने खुद अपने ही दोस्तों की मदद से इस पूरी घटना की स्क्रिप्ट तैयार की थी। पुलिस ने मामले का मास्टरमाइंड समेत तीन अन्य युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक के पास से तमंचा और दूसरे से चाकू बरामद किया। पुलिस के मुताबिक 18 जनवरी की शाम को आवास विकास मुख्य मार्ग पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के पार्षद सौरभ बेहड़ पर हमले की खबर से हड़कंप मच गया था। हमला बाईक सवार तीन युवकों ने सौरभ की स्कूटी को लात मारकर गिरा दिया और उनके साथ मारपीट कर फरार हो गए। घायल अवस्था में सौरभ को अस्पताल भर्ती कराया गया। जहां कांग्रेस और भाजपा के दिग्गजों समेत समर्थकों का भारी जमावड़ा लग गया। घटना के विरोध में तिलकराज बेहड़ के आवास पर आक्रोश बैठक बुलाई गई, जिसमें आरोपियों की गिरफ्रतारी न होने पर उग्र आंदोलन और बाजार बंद करने तक की चेतावनी दे दी गई थी। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने एसओजी समेत पुलिस की कई टीमें गठित कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने घटनास्थल से लेकर संदिग्धों के भागने के रास्तों तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ऽखगाली। जब पुलिस ने सर्विलांस और तकनीक की मदद से कड़ियों को जोड़ा, तो मामला पूरी तरह पलट गया। गुरुवार को एसएसपी ने पुलिस कार्यालय में खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस जांच में सौरभ बेहड़ ने अपने करीबी दोस्त इंदर नारंग के साथ मिलकर खुद पर हमले का नाटक रचा था। इंदर नारंग ने सौरभ के कहने पर तीन अन्य युवकों को इस काम के लिए तैयार किया। जिन्होंने नासमझी में इस फर्जी घटना को अंजाम दिया। एसएसपी ने मीडिया को जारी प्रेस नोट बताया कि सौरभ अपने किसी पारिवारिक विवाद को सुलझाने और विरोधियों को सबक सिखाने के लिए सहानुभूति बटोरना चाहता था। जिसके लिए उसने यह ताना-बाना बुना। पुलिस ने इस फर्जी साजिश को अंजाम देने वाले घास मण्डी निवासी बादशाह , वंश और ट्रांजिट कैंप क्षेत्र निवासी दीपक को गिरफ्रतार किया। पुलिस ने एक के पास से तमंचा और दूसरे से चाकू बरामद किया। पुलिस ने सौरभ बेहड़ के करीबी इंदर नारंग को हिरासत में हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो चार दिन से रहस्य बनी घटना से पर्दा उठ गया और खुलासा होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बता दें कि मंगलवार को घटना के खुलासा को तिलक राज बेहड़ के आवास पर कार्यकर्ताओं व समर्थकों की एक बड़ी बैठक आयोजित हुई थी। बैठक में खुलासा न होने पर पुलिस को अल्टीमेटम दिया गया था।
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एसपी सिटी अपने आश्वासन पर खरे उतरे
रुद्रपुर। मंगलवार को किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के आवास पर आयोजित हुई बैठक में पहुंचे एसपी सिटी डॉ उत्तम सिंह नेगी ने वहां मौजूद लोगों को आश्वासन दिया था कि पुलिस बुधवार शाम तक हमलें में शामिल आरोपी पुलिस के शिकंजे में होंगे और एसपी सिटी ने घटना को अंजाम देने वालों को चिन्हित कर पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों को दिए गए समय में पकड़ लिए थे। पुलिस अधिकारियों ने इसकी जानकारी पार्षद के पिता यानी किच्छा विधायक को दी।
