सभा के बाद विशाल रैली का आयोजन, हड़ताल की दी चेतावनी, जिला कार्यकारिणी की भी घोषणा
रुद्रपुर। यहां गल्ला मंडी में ऐक्टू के 5वें ऊधमसिंह नगर सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में चारों लेबर कोड रद्द करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि मजदूर कर्मचारी अधिकार विहीन हो जाएंगे। केंद्र सरकार से पुराने 29 लेबर कानूनों बहाली की मांग के साथ पूरे देश के मजदूर फरवरी 12 को विशाल हड़ताल करेंगे। मजदूर फेडरेशन आल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस एक्टू के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड केके बोरा ने कहा कि आज कामगारों की मेहनत से देश में रिकॉर्ड उत्पादन हो रहा है, मगर इसका लाभ आम मजदूर को नहीं दिया जा रहा है। उत्पादन से लेकर सेवा तक के समूचे क्षेत्र के कामगार अत्यन्त कम भुगतान के चलते भयंकर बदहाली में जीवन जीने को मजबूर हैं। फैक्ट्री मजदूर से लेकर आशा और निर्माण मजदूरों के लिए पुराने 29श्रम कानून एक संविधान प्रदत्त मूल अधिकारों के लिए रास्ता बनाते थे, मगर 4 लेबर कोड से ये रस्ते और मौलिक अधिकार छीन लिए गए हैं। 4 कानूनों से मजदूरों को गुलामी के लिए मजबूर किया जा रहा है। नई वेतन कोड में केंद्र ने न्यूनतम मजदूरी रेट को शर्मनाक 193 रुपया प्रतिदिन किया है। जबकि आज कल कोई भी मजदूरी 500 रूपये से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि लेबर कोड का सिर्फ एक काम है ज्यादा काम के घंटे और कम से कम वेतन और कोई सामाजिक सुरक्षा की गारंटी नहीं। ये चरम शोषण को कानूनी आवरण देता है मजदूरों को मुलामी में धकेल दिया है। इसके खिलाफ जोरदार और लंबा आंदोलन चलाया जा रहा है। 9 जनवरी को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मजदूर सम्मेलन ने 12 फरवरी2026 को देश व्यापी हड़ताल का आवाहन किया है। उन्होंने मजदूरों से हड़ताल को सफल बनाने का आवाहन किया।सम्मेलन के पर्यवेक्षक ऐक्टू उत्तराखंड के राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड जोगेंद्र लाल,भाकपा माले जिला सचिव कॉमरेड ललित मटियाली, दिनेश तिवारी, आशा यूनियन की जिलाध्यक्ष ममता पानू,रीता कश्यप, सुधा शर्मा,शर्मिन सिद्दीकी, दयाल सिंह,हीरा राठौर,दीपक कांडपाल,उत्तम दास,मोहन सिंह बिष्ट,कमल, वीरेंद्र सिंह, संतोष गुप्ता आदि मौजूद रहे। सभा के बाद विशाल रैली भी निकाली गई।

