देहरादून की विजिलेंस टीम की कार्रवाई, डीएसओ के रुद्रपुर स्थिति आवास भी पहुंची
हरिद्वार। सूत्रों के हवाले से देहरादून विजिलेंस की बड़ी ट्रैप कार्रवाई। टीम ने जिला पूर्ति विभाग में रिश्वतखोरी का खुलासा करते हुए हरिद्वार जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य और उनके सहायक गौरव शर्मा रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। विजिलेंस टीम ने जिला पूर्ति कार्यालय परिसर में ही दबिश देकर दोनों को रंगे हाथ दबोचा। विजिलेंस की कार्रवाई से महकमें में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक दोनों पर एक राशन डीलर से काम के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। विजिलेंस सूत्रों की मानें तो पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस के एक इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर कार्रवाई को दिया अंजाम। टीम ने रिश्वत की पूरी रकम मौके से बरामद कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। विजिलेंस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोनों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई जारी।
डीएम ने विभाग के प्रमुख सचिव को कार्रवाई की संस्तुति की थी
रुद्रपुर। सूत्रों के मुताबिक हरिद्वार के जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्या के ऊधमसिह नगर के इसी पद पर रहते हुए शिकायतों पर डीएम नितिन भदौरिया ने एडीएम नजूल के नेतृत्व में गठित टीम से कराई थी। जांच में श्याम आर्या के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी। सूत्र बताते हैं कि डीएम ने श्याम आर्या के खिलाफ कार्रवाई के लिए विभाग के प्रमुख सचिव को लिखा था। सूत्रों की मानें तो महकमें में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि श्याम आर्या को शिकायतों के बावजूद हरिद्वार का चार्ज दे दिया गया। जिसका उदाहरण विजिलेंस की कार्रवाई से पता चलता है।
