बागेश्वर। देवभूमि उत्तराखंड के बागेश्वर जिले से एक झकझोर देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। चर्चित अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसके अनुसार हत्या की यह खौफनाक वारदात अवैध संबंधों के विवाद और शारीरिक जबरदस्ती के विरोध के बाद अंजाम दी गई थी।
चर्चित अधिवक्ता एवं पूर्व सभासद धीरेंद्र परिहार हत्याकांड का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए एक महिला और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आई वारदात की कहानी किसी अपराध कथा से कम नहीं है। आरोप है कि घर में हुए विवाद के दौरान महिला ने लोहे की रॉड से अधिवक्ता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को अपनी चारपाई के नीचे छिपा दिया। अगले दिन भाई को बुलाकर शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई और रात के अंधेरे में कार से ले जाकर नदी में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में महिला आरोपी लता भंडारी और उसके भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, घटना में इस्तेमाल मैग्नैट कार और अधिवक्ता का शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच और पूछताछ में अधिवक्ता और महिला के बीच वर्ष 2020 से नजदीकियां होने की बात सामने आई है। वर्ष 2022 में दोनों के बीच संपर्क और नजदीकियां कुछ कम हो गई थीं। पुलिस का कहना है कि 17 अक्तूबर की रात अधिवक्ता धीरेंद्र परिहार अत्यधिक शराब के नशे में महिला के घर पहुंचे थे। वहां कथित तौर पर उन्होंने महिला के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। महिला ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान गुस्से में आकर महिला ने घर में रखी लोहे की रॉड से अधिवक्ता के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोटों के चलते उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद महिला ने शव को छिपाने के लिए घर में रखी चारपाई के नीचे डाल दिया। रातभर शव घर में ही छिपा रहा, लेकिन अगले दिन उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। जांच में सामने आया कि 18 अक्तूबर की सुबह महिला कठायतबाड़ा पहुंची और अपने भाई त्रिभुवन सिंह बिष्ट उर्फ बबलू को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, रात में भाई महिला के घर पहुंचा और दोनों ने अधिवक्ता के शव को मैग्नैट कार की पिछली सीट पर रखा। इसके बाद बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग पर थुणाई बैंड के समीप पहुंचे और गहरी खाई से शव को नदी में फेंक दिया। इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के लिए पुलिस ने विभिन्न पहलुओं पर जांच की और साक्ष्य जुटाए। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कोतवाली पुलिस की टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की रॉड, कार और शव की बरामदगी की गई।फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने की कार्रवाई कर रही है। चर्चित अधिवक्ता की हत्या और फिर शव को छिपाने तथा नदी में फेंकने की इस घटना ने पूरे बागेश्वर में सनसनी फैला दी है। अब मामले में पुलिस की आगे की जांच और न्यायालयीन कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।


