भाजपा नेता एवं ब्लाॅक प्रमुख पति ने मीडिया के समक्ष रखी अपनी बात
किच्छा विधायक बेहड़ पर लगाए षडयंत्र के आरोप, बोले, दलित महिला का प्रमुख बनना खल रहा
रुद्रपुर। रुद्रपुर के नवनिर्वाचित ब्लाक प्रमुख रीना गौतम एवं उनके पति जितेंद्र गौतब पर विगत दिवस बीडीसी सदस्य रुचिपाल और उनके पति मन्नूपाल ने जो तीस लाख रुपये के हेरफेर के आरोप लगाएं हैं उन पर पलटवार कर मीडिया के समक्ष जवाब देते हुए ब्लाक प्रमुख पति जितेंद्र गौतम ने कहा कि सभी आरोप निराधार और तथ्यहीन हैं। उन्होंने कहा कि एक षडयंत्र के तहत तैयार की गई एक स्क्रीप्ट है, जिससे उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जितेंद्र गौतम ने कांग्रेस के किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ पर भी षडयंत्र का आरोप लगाया है।ब्लाॅक प्रमुख रीना गौतम के पति एंव भाजपा के ग्रामीण मंडल के महामंत्री जितेन्द्र गौतम ने कहा कि यह भी कि तिलक राज बेहड से सांठ-गांठ करने वाले कुछ भाजपा के कार्यकर्ता 2027 के चुनाव की दष्टि से अनर्गल बयानबाजी कर रहे है। किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला एवं भाजपा को निष्ठा से चुनाव लडाने वाले कार्यकर्ताओं को नीचा दिखाने का प्रयास करते रहते हैं। पार्टी हाईकमान को ऐसे लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना होगा नहीं तो अब हमारा धैर्य भी समाप्त हो रहा है।ऐसे पार्टी विरोधी तत्वों के चहरे बेनकाब करने के लिये हमें मजबूरन सड़कों पर उतरना होगा। जितेंद्र गौतम ने कहा कि ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव के समय मन्नूपाल एंव उनकी पत्नी ने यह बात नहीं कही जो अब चुनाव के दो महीने बाद कह रहे हैं। उन्हें ये दो महीने बाद पता चला कि वह डर या दबाब में थे। चुनाव जीतने के बाद गांव में मुझे और ब्लाॅक प्रमुख रीना गौतम तथा पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का स्वागत एवं लड्डुओं से तोलने का कार्यक्रम और जनसभा खुद मन्नूपाल द्वारा आयोजित की गई और उसके 15 दिन बाद दोबारा स्वागत किया, यानी दो महीने में दो बार सैजना में स्वागत कार्यक्रम हुआ।जिसमें मन्नुपाल ने शिरकत की, यदि उनके आरोप सही हैं तो उन्हें हमारा दो-दो बार स्वागत करने की क्या जरूरत थी।जितेंद्र गौतम ने कहा कि तिलक राज बेहडं हमेशा पूर्व विधायक राजेश शुक्ला का अपमान करने के लिये झूठा बयान देते हैं और दिलवाते हैं। राजेश शुक्ला ने नगला को बचाने का प्रयास किया तो बेहड़ ने वहां भी शुक्ला पर नगला बचाने के आंदोलन में धन वसूलने का झूठा आरोप लगाया, जिसका जनता ने मुह तोड जवाब दिया। भाजपा में बैठे उनके एक दलाल द्वारा उनसे पैसे दिलाकर मन्नुपाल से यह बयानबाजी करवायी गई हैं। क्योंकि हाल ही में तिलकराज बेहड के सैंजना आगमन पर मन्नुपाल के साथ बैठ कर इस बयानबाजी की स्क्रीप्ट तैयार की गई थी, इसका फुटेज भी उनके पास है। उन्होने कहा कि ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव में कोई बीडीसी या किसी नेता को पैसे क्यों देगा क्योंकि बीडीसी बनने के बाद रूची पाल पत्नी मन्नूपाल कोेई चुनाव तो लड़ नही रहे थे। आखिर 30 लाख रुपए उन्हें या शुक्ला को देने का क्या आवश्कता थी। किस कारण दिया ये स्पष्ट करें। ब्लाॅक प्रमुख के चुनाव में मात्र 21 सदस्यों के सर्मथन से जीत होनी थी परन्तु हमें 25 सदस्य हमें सर्मथन देने पहुंच गये। उसके बाद अन्य सदस्यों की जरूरत नहीं थी। परन्तु मन्नुपाल ने मेंरे एवं शुक्ला के पास आकर कहा कि में आपको अपना सर्मथन देना चाहता हूॅ, हम यह समझ नहीं पाये कि यह दूसरे खेंमे द्वारा भेजा गया ऐंजेंट है।
हमारे कई सदस्यों को तोड़ने की कोशिश करते रहें। जब नहीं तोड़ पाये तो हमारे खेमे में रहते हुये क्राॅस वोटिंग की गई। मुझे ज्ञात हुआ उन्होंने दूसरे पक्ष से एक मोटी रकम भी पकड़ी और अब मीडिया के सामने झूठी एंव तथ्यहीन कहानी बना रहे है।
जितेंद्र गौतम ने चुनोती देते हुये कहा कि हमें सभी सदस्यों का सर्मथन बिना पैसे और बिना किसी दवाव के मिला है।
