पूर्व विधायक शुक्ला ने सीएम धामी से की मुलाकात, पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान को सौंपा पत्र

पूर्व विधायक शुक्ला ने सीएम धामी से की मुलाकात, पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान को सौंपा पत्र

रुद्रपुर। पूर्व विधायक एवं गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद के सदस्य राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार मुलाकात कर विश्वविद्यालय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान संबंधी पत्र सौंपा। शुक्ला ने सीएम से आग्रह किया कि पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय की फॉर्म भूमि में लगभग डेढ़ सौ एकड़ क्षेत्रफल में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिकों, ठेका श्रमिकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी विकसित कर भूमि आवंटन किया जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रबंधन परिषद द्वारा पहले ही प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। कहा कि सन 2002 में जब केंद्र सरकार से औद्योगिक पैकेज मिलने के बाद सिडकुल के लिए विश्वविद्यालय की भूमि अधिग्रहित की जा रही थी, उस समय विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और श्रमिकों द्वारा अपने लिए भूमि की मांग की गई थी। उस समय विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद ने इस प्रस्ताव को पारित भी किया था, किन्तु तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने उक्त भूमि एक बिल्डर को आवंटित कर दी, जिससे विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं श्रमिक इस योजना के लाभ से वंचित रह गए। पूर्व विधायक ने विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, ठेका श्रमिकों एवं सुरक्षा कर्मियों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। जिनमें प्रमुख रूप से वर्ष 2003 से पूर्व कार्यरत दैनिक वेतनभोगी एवं कार्यप्रभारित श्रमिकों को न्यायालय के निर्णय के अनुसार स्थायी करना, विश्वविद्यालय में 10 वर्षों से कार्यरत ठेका कर्मियों को स्थायी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मियों को अन्य कर्मचारियों की भांति शासकीय अवकाश की सुविधा प्रदान,कोविड-19 काल के दौरान बजट अभाव के कारण कम किए गए कार्य दिवसों को पुनः पूर्ववत 26 दिन किया जाए, जिससे ठेका कर्मियों को आर्थिक राहत मिल सके।ठेका कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति वेतन एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएं।उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में कार्यरत सभी श्रेणी के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान मानवीय दृष्टिकोण से शीघ्र किया जाना चाहिए।

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