इलाज से पहले खर्च और मौत की जिम्मेदारी पूछता रहा मेडिसिटी अस्पताल

इलाज से पहले खर्च और मौत की जिम्मेदारी पूछता रहा मेडिसिटी अस्पताल

घायल युवक ने लगाया अस्पताल कर्मियों पर अमानवीय रवैया का आरोप

रुद्रपुर। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक को समय पर इलाज न मिल पाना निजी अस्पतालों की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना के अनुसार, घायल युवक को आनन-फानन में वहां से गुजर रहे भदईपुरा निवासी एक युवक अपनी कार से मेडिसिटी अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने प्राथमिक उपचार तक करने से इन्कार कर दिया और मरीज को कहीं और ले जाने को कह दिया। इस घटना का एक कथित वायरल वीडियो भी सामने आया है। वायरल वीडियो में आकाश नामक युवक अस्पताल कर्मियों के रवैये को बेहद शर्मनाक बताते दिखते हैं। वीडियो में यह आरोप भी लगाया गया है कि अस्पताल कर्मियों ने इलाज शुरू करने से पहले ही यह सवाल उठा दिया कि खर्च कौन उठाएगा और यदि मरीज की मौत होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। आपात स्थिति में ऐसे सवाल उठाना न केवल संवेदनहीनता को दर्शाता है, बल्कि चिकित्सा नैतिकता और कानून की भावना के भी खिलाफ माना जा रहा है। इलाज से मना किए जाने के बाद मजबूरन घायल युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार मरीज की हालत अब भी गंभीर बनी हुई थी। बहरहाल उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है।

इंसेट
प्रबंधक मेडिसिटी अस्पताल धीरेन्द्र मेहरा का कहना था कि अस्पताल में तैनात आर्थोपेडिक सर्जन( हड्डी रोग विशेषज्ञ) एक हफ्ते से छुट्टी पर चल रहे हैं। इसलिए मरीज को भर्ती नहीं किया गया।

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इस घटना के संबंध में यदि कोई लिखित शिकायत आती हैं तो निश्चित रुप से जांच कर अस्पताल के खिलाफ जरुरी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक इस संंबंध में किसी तरह की शिकायत नहीं मिली है। डाॅ. केके अग्रवाल, सीएमओ

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