उत्तराखंड एसटीएफ टीम को 24 घंटे में मिली दूसरी बड़ी सफलता,रुद्रपुर पुलिस से मिल कर दो और हार्डकोर अपराधियों को 3 लोडेड अवैध तमंचों और 10 जिंदा कारतूसों के साथ दबोचे, हथियारों का सप्लायर चिन्हित,जल्द होगा एसटीएफ के शिकंजे में

उत्तराखंड एसटीएफ टीम को 24 घंटे में मिली दूसरी बड़ी सफलता,रुद्रपुर पुलिस से मिल कर दो और हार्डकोर अपराधियों को 3 लोडेड अवैध तमंचों और 10 जिंदा कारतूसों के साथ दबोचे, हथियारों का सप्लायर चिन्हित,जल्द होगा एसटीएफ के शिकंजे में

एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रें में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त किया,किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे

रूद्रपुर। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने अवैध हथियारों के सौदागरों और सक्रिय गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए महज 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी सफलता हासिल की है। रुद्रपुर पुलिस के साथ मिलकर की गई इस संयुक्त कार्रवाई में एसटीएफ ने दो और हार्डकोर अपराधियों को 3 लोडेड अवैध तमंचों और 10 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्रतार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रें में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटों में हुई इन ताबड़तोड़ गिरफ्रतारियों के बाद पूछताछ में अवैध हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। जांच में मुख्य हथियार सप्लायर का नाम भी प्रकाश में आ गया है, जिसकी तलाश में एसटीएफ की टीमें जुट गई हैं। माना जा रहा है कि सप्लायर की गिरफ्रतारी के बाद हथियारों की तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ होगा। एसएसपी एसटीएफ के मुताबिक पकड़े गए अपराधी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। सटीक इनपुट मिलने पर एसटीएफ और रुद्रपुर पुलिस ने घेराबंदी कर जितेन्द्र वीरत चौधरी निवासी बिलासपुर, रामपुर और सुमित राठौर निवासी ट्रांजिट कैम्प, रुद्रपुर को दबोच लिया। आरोपी जितेन्द्र वीरत चौधरी रामपुर के थाना बिलासपुर में धारा 307 (हत्या का प्रयास) के मामले में काफी समय से वांछित चल रहा था। गिरफ्तारी से कुमाऊं क्षेत्र में होने वाली संभावित गैंगवार और हत्या जैसी गंभीर वारदातों को समय रहते विफल कर दिया गया है। एसटीएफ की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 24 घंटों में कुल 3 कुख्यात अपराधियों को जेल भेजा जा चुका है। इनके कब्जे से अब तक कुल 6 अवैध तमंचे और 21 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। गिरफ्रतार अभियुक्तों पर दोनों राज्यों में हत्या के प्रयास के आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इस सफल अभियान में एसटीएफ से निरीक्षक एमपी सिंह,एसआई बृजभूषण गुररानी,एसआई प्रकाश भगत, हेड कांस्टेबल गोविन्द बिष्ट,हेड कांस्टेबल जगपाल सिंह, संजय कुमार, गुरवंत सिंह,मोहित वर्मा शामिल रहे। कोतवाली रुद्रपुर पुलिस टीम से निरीक्षक मनोज रतूड़ी, एसआई मोहन जोशी, कानि- नवीन गिरि,चालक मोहन प्रकाश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसएसपी एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में राज्य में सक्रिय गैंगस्टरों और जेलों में निरुद्ध अपराधियों की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

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